Year: 2022 | Month: April | Volume 1 | Issue 1

बाल संसद: प्ारम्भ एवं वस्तुससथिस्

हर्षवर्षन
DOI:Coming soon...

Abstract:

शिक्षा यह अपने आप एक वयषापक िबद है इसमें सुरषार की आवशयकतषा नहीं है, हषाँ बदलते पररदृि को देखते हुएँ इसमें बदलषाव की आवशयकतषा है इसकषा सषार यह नहीं है शक शिक्षा कषाएक सतर शनशचित कर शकयषा जषाए बश्क यह है शक प्रतयेक शवद्षार्थी की वयशतिगत प्रशतभषाओं कषा शनमषा्षण करनषा है। शवद्षार्थी को ऐसषा वषातषावरण प्रदषान करनषा चषाशहए जहषाँ वह सवषाभषाशवक रूप से सीख सके । बषाल संसद एक ऐसषा मंच है जहषाँ शवद्षार्थी सवषाभषाशवक रूप से सीख सकते हैं यह शवद्षाशर््षयों को यह अवसर प्रदषान करतषा है शक वह शिक्षा के सैद्षाश्तक पक् के सषार् उसके वयषावहषाररक पक् सरलतषा से समझ सकें । प्रसतुत िोर लेख में शनमन प्रश्ों पर चचषा्ष की गई है बषाल संसद कयषा है? इसकषा आरमभ सव्षप्रर्म कहषाँ हुआ? इसकी आवशयकतषा कयों है? भषारतीय स्दभ्ष बषाल संसद कषा वषासतशवक सवरूप कयषा है? कयषा बषाल संसद के प्रषारमभ एवं उसकी वत्षमषान वसतुशसर्शत में अंतर है? आशद प्रश्ों कषा उत्तर इस िोर लेख में देने कषा प्रयषास शकयषा जषाएगषा।



© This is an open access article distributed under the Creative Commons Attribution License which permits unrestricted use, distribution, and reproduction in any medium, provided the original work is properly cited





Print This Article Email This Article to Your Friend

@International Journal of Fermented Foods | Association with SASNET | Printed by New Delhi Publishers

50674682 - Visitors since April 13, 2019